Social media न हुआ हमारा character certificate हो गया

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Social media न हुआ
हमारा character certificate हो गया
कहने को तो यहां
कुछ भी शेयर करने की आजादी है
पर सच कहूं इसने आजादी ही मिटा दी है
पहले भारी मात्रा में लोग मिलने आते थे
हर दिन थोड़ा थोड़ा ही सही
पर मित्र गणों के साथ समय व्यतीत होता रहता
पर गलतफहमियां भी फैलती गयी
लोग कमेंट से पोस्ट से
एक दूसरे को judge करने लगे
बाते कर गलतफहमियां मिटाना तो दूर
एक दूसरे को ताने दे देकर दूरियाँ बढ़ाने लगे
जो पहले एकजुट होकर
एक दूसरे के लिए लड़ा करते थे
आज खुद एक दूसरे से लड़ रहे
कभी दूसरों के लिए कही बातों के लिए
कभी जाती के नाम पर
कभी पोलिटिकल पार्टियों के नाम पर
कभी धर्म के नाम पर
कभी किसी घटना को लेकर विचारों से
बंटने लगे हैं लोग
मुझे वो वक़्त भी याद है
जब सारे दोस्तों को घर पर पार्टी देने बुलाता
और फिर खाते वक़्त
एक दूसरे की थालियों से छीना झपटी भी होती
उस समय कोई ये नहीं देखता, पूछता
की कौन दलित है, कौन ब्राह्मण
कौन छोटी जाती का है, कौन बड़ी जाती का
जी वर्षों गुजर जाते पर ये न कोई पूछता
न कोई जानने की कोशिश करता
की कौन किस जाति का है
तब पोलिटिकल पार्टियों को लेकर बहस नहीं होती
बहस होती तो सही और गलत की
आज तो सही भी रहो तो कोई साथ नहीं देता
ग़लत भी रहो तो कोई रास्ता नहीं दिखाता
बस अपने अपने विचार, सोच और फैसला
दूसरे पर थोपने चाहते हैं
अब सबको अपना ग्रुप चलाना है
सबको एडमिन बनना है
अब ग्रुप ग्रुप नहीं, तेरा ग्रुप मेरा ग्रुप बन गया
हमारा तो कुछ रहा है नहीं
और लोग सोशल मीडिया की लड़ाई को भी
व्यक्तिगत ज़िन्दगी के रूखेपन बनाते जा रहे
जितना हो सके
दूर रहिये इन सबसे
अगर आप महिला हैं तो चापलूस मिलेंगे
अगर आप पुरुष हैं तो विरोधी, प्रतियोगी
कोई समय पर काम नहीं आने वाला
जो आपसे आकर रास्ते मे मिलते हुए
आपका हाल चाल पूछ जाते हैं
बस वही काम आएंगे
और तो और लोग
आपके प्रोफाइल, पोस्ट और कमैंट्स से
आपको judge कर जाएंगे
जैसे
Social media न हुआ
हमारा character certificate हो गया…?

———————————अक्स की कलम से

Ashish Kumar Sinha
About अक्स की कलम से 16 Articles

Love to write…
Love to express feelings with word…

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*